सेहत के लिए संजीवनी की तरह काम करता है बथुआ

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सर्दियों में हर घर में बथुए का सेवन किया जाता है. स्वाद में अच्छा लगने वाला बथुआ कई तरह से हमारे शरीर को फायदा पहुंचाता है. यह काफी पौष्टिक होता है. इससे बने साग में विटामिन ए, कैल्शियम, फॉस्फोरस और पौटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा आपने अपने घर में दादी-नानी से सुना होगा कि बथुए का सेवन कई बीमारियों को दूर करने में किया जाता है. बथुआ का सेवन करने से बालों की नेचुरलिटी बरकरार रहता है. यह बालों के लिए आंवले जितना ही गुणकारी रहता है. इसमें विटामिन और खनिज तत्वों की मात्रा आंवले से ज्यादा होती है. आयरन, फॉस्फोरस और विटामिन ए के कारण यह बालों के लिए काफी फायदेमंद रहता है.
यदि आपको स्किन से जुड़ी हुई प्राब्लम है तो बथुए को उबालकर इसका रस पीने और सब्जी बनाकर खाने से चर्म रोग जैसे सफेद दाग, फोड़े-फुंसी, खुजली में आराम मिलता है. बथुए के पत्तों को पीसकर इसका रस निकालें, 2 कप रस में आधा कप तिल का तेल मिलाएं और इसे धीमी आंच पर पकाएं. इसे पीने से स्किन से जुड़ी समस्या दूर होगी.
बथुए को साग या रोटी में मिलाकर खाने से दांतों से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है. बथुए की पत्तियों को कच्चा चबाने से सांस की बदबू, पायरिया और दांतों से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं.
कब्ज की समस्या आम है. ऐसे में कब्ज से राहत दिलाने में बथुआ बेहद कारगर है. गठिया, लकवा ग्रस्त लोगों के उपचार और गैस की समस्या में यह काफी फायदेमंद साबित होता है.
यदि आपको पाचन से जुड़ी परेशानी है तो बथुए का सेवन करें. इसके सेवन से भूख में कमी आना, खाना देर से पचना, खट्टी डकार आना जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के में आराम मिलता है एक कप बथुए और गिलोय का रस मिलाकर रख लें. फिर इसे एक बार में 25 से ग्राम दिन में दो बार पिएं. इसका सेवन करने से आपको पीलिया की समस्या में राहत मिलेगी.
बथुए को 4-5 नीम की पत्तियों के रस के साथ खाया जाए तो खून अंदर से शुद्ध हो जाता है. साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है. साथ ही बच्चों को कुछ दिनों तक लगातार बथुआ खिलाया जाए तो उनके पेट के कीड़े मर जाते हैं. बथुआ पेट दर्द में भी फायदेमंद है.

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